काकवचनम - द्वितीय प्रश्नः
यदा पक्षदण्डे अग्निकोणो ' का का 'शब्दम । रटति काकस्तदा शोकवार्ता कथयति ॥ ऊर्ध्वमुखी वा रटति तदा दूरदेशतः । पुत्रतो शोकवार्ता कथयति ॥
दो घड़ी दिन में अग्निकोण की तरफ कौव्वा ' काँव-काँव 'शब्द करे तो शोक उपस्थित होगा । परन्तु जब ऊपर मुख करके बोले, तो दूरदेश से शोक-समाचार आयेगा । यदि नीचे की तरफ मुख करके काक शब्द करे तो पुत्र से शोक होगा, ऎसा समझो ।
समयाभाव के कारण काक महोदय कुछेक काल के बाद दर्शन दे रहे हैं । यह तीस प्रश्नोत्तरी का संकलन वस्तुतः श्री हनुमङ्ज्यौतिषं प्रश्नफलकथनं से साभार लिया गया है, एवं अब नियमित देने का प्रयास रहेगा ।